जिंदगी में इतनी गलतियाॅं न करो कि पेंसिल से पहले रबर ही घिस जाये! और रबर को इतना मत घिसो कि जिंदगी का पेज ही फट जाये!!
जय जय बजरंग बली की
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जिंदगी में इतनी गलतियाॅं न करो कि पेंसिल से पहले रबर ही घिस जाये! और रबर को इतना मत घिसो कि जिंदगी का पेज ही फट जाये!!
जय जय बजरंग बली की
बड़ी पुरानी और प्रसिद्ध कहावत है , अंग्रेजी हुकूमत के दौर में शुरू हुई ये कहावत अब मुहावरा बन गई है , अंग्रेज चले गये मगर अपनी औॅलादें और नाती पोते भारत में छोड गये , सभी अंग्रेजी कानून जो अंग्रेजों ने बनाये और चलाये जिससे वे भारतवासियों को गुलाम बना कर रख सकें और उन पर हुकूमत कर सकेंगें , इन अंग्रेजी कानूनों के खिलाफ देश में स्वतंत्रता संग्राम हुआ , जिसे भारत की आजादी का आंदोलन कहा जाता है ।
इन कानूनों का विरोध करते हुये पंजाब केसरी के संस्थापक लाला लाजपत राय , बाल गंगाधर तिलक जैसे लोग शहीद हो गये , जवाहर लाल नेहरू , महात्मा गांधी आदि ने अंग्रेजों के कानूनों की प्रतियां जलाई और कानूनों का विरोध खुली मुखाफलत के साथ किया , मगर भारत को आजाद हुये 73 साल गुजर गये , 74 वां साल चल रहा है , मगर अंग्रेजों के कानून जस के तस चल रहे हैं । प्रश्न है कि फिर भारत आजाद हुआ ही कहां ....
किसी संविधान में या किसी कानून में कुछ संशोधन करने का मतलब है , फटी चादर में थिगड़े या चीथड़े लगाना , भारत के संविधान में 150 से अधिक संशोधन हो चुके हैं , मतलब साफ है , थेगड़े चीथड़े लगा संविधान , बदलना या बदला जाना मांग रहा है । अटल बिहारी बाजपेयी इस काम को करना चाह रहे थे , उन्होंने बाकायदा संविधान पुनर्गठन समिति गठित करना शुरू कर दी थी मगर भारत के स्वार्थी नेताओं को यह रास नहीं आया और इसे ठंडे बस्ते में फेंक दिया , तब से अब तक यह ठंडे बस्ते में और देश अंधे कुयें की राह पर है ।
केवल संविधान ही नहीं तमाम मुख्य कानूनों का यही आलम है , चाहे पुलिस एक्ट 1861 हो , आई पी सी यानि भारतीय दंड संहिता 1860 हो या प्रेस और बुक्स रजिस्ट्रेशन एक्ट 1867 हो .....
इसीलिये आज तक प्रासंगिक है ....... है अगर तोप मुकाबिल सामने तो ..... अखबार निकालो
चलिए… जिंदगी का जश्न कुछ इस तरह मनाते हैं! कुछ अच्छा याद रखते है, कुछ बुरा भूल जाते है! चलिए… जिंदगी का जश्न कुछ इस तरह मनाते हैं! कुछ अच्छा याद रखते है, कुछ बुरा भूल जाते है!
ॐ नमः शिवाय
जो स्वयं को हर परिस्थिति के अनुसार ढालना जानता है, उसे जीवन जीने की कला आ जाती है!
जय श्रीकृष्ण हरे
जिंदगी में बेशक हर मौके का फायदा उठाओ,
पर किसी के हालात और मजबूरी का नहीं!
ओम शनि शनिश्चराय नमः
कमजोर व्यक्ति कभी क्षमा नहीं कर सकता, क्षमा करना शक्तिशाली व्यक्ति का गुण है – महात्मा गॉंधी
दीया जलाना है तो अंधेरों में जलाइए, उजालों में क्या रखा है अपने मन को दयालु बनाइए, क्रूरता में क्या रखा है
jai mata di
यदि आप के चंद मीठे बोलों से किसी का रक्त बढ़ता है तो यह भी रक्त दान है यदि आप के द्वारा किसी की पीठ थपथपाने से उसकी थकावट दूर होती है तो यह भी श्रम दान है यदि आप कुछ भी खाते समय उतना ही प्लेट में लें कि कुछ भी व्यर्थ ना जाए…
jai shri krishan
दुनिया उन्हीं की खैरियत पूछती है जो पहले से ही खुश हों,
तकलीफ में होते हैं उनके तो नंबर तक खो जाते है।
jai jai bajrangwali