मंगलवार, 25 मार्च 2008

भाग्‍य और प्रारब्‍ध में क्‍या फर्क है

मनुष्‍य के पूर्व कर्मों से प्रारब्‍ध का निर्माण होता है और प्रारब्‍ध से भाग्‍य बनता है, मनुष्‍य के वर्तमान कर्म उसके भविष्‍य का निर्धारण करते हैं । अत: प्राप्ति जितनी सहज हो उसे सहेजना उससे कई गुना दुष्‍कर होता है । - संस्‍कृत की प्राचीन कहावत

 

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